चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़ा:फ्रांस-इटली को पीछे छोड़ 2026 में टॉप-3 में पहुंच सकता है; भंडार 2,410 टन
चीन दुनिया का 5वां सबसे ज्यादा सोना रखने वाला देश बन गया है। 2,410 टन गोल्ड रिजर्व के साथ उसने रूस को पीछे छोड़ दिया है। गोल्ड रिजर्व रखने वाले देशों में चीन से आगे अब सिर्फ अमेरिका, जर्मनी, इटली और फ्रांस है। फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म 'द कोबेसी लेटर' के मुताबिक, चीन का केंद्रीय बैंक यानी पीपुल्स बैंक ऑ
चीन दुनिया का 5वां सबसे ज्यादा सोना रखने वाला देश बन गया है। 2,410 टन गोल्ड रिजर्व के साथ उसने रूस को पीछे छोड़ दिया है। गोल्ड रिजर्व रखने वाले देशों में चीन से आगे अब सिर्फ अमेरिका, जर्मनी, इटली और फ्रांस है। फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म 'द कोबेसी लेटर' के मुताबिक, चीन का केंद्रीय बैंक यानी पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना लगातार खजाने में सोना जमा कर रहा है। अगर उसकी यही रफ्तार रही, तो इस साल के अंत तक वह फ्रांस और इटली को भी पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर पहुंच जाएगा। सितंबर में खरीदा 23 टन सोना: लगातार 23वें महीने जारी रही खरीदारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर 2026 में चीन के केंद्रीय बैंक ने 23 टन से अधिक आधिकारिक सोना खरीदा। 23 महीने से लगातार खरीदारी: यह चीन की ओर से लगातार 23वां महीना है जब उसने अपने ऑफिशियल रिजर्व में सोना जोड़ा है। सितंबर 2023 के बाद से यह किसी एक महीने में चीन द्वारा की गई सबसे बड़ी खरीदारी है। 2026 में 103 टन खरीदारी: अकेले इस साल सितंबर तक चीन आधिकारिक तौर पर 103 टन से ज्यादा सोना खरीद चुका है। जुलाई-अगस्त का आंकड़ा: इससे पहले जुलाई और अगस्त 2026 में भी पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने हर महीने 20-20 टन से अधिक सोना अपने खजाने में जोड़ा था। वैश्विक बाजार में सोने की कीमत $4,200 औंस के पार: कच्चे तेल में नरमी से मिली राहत ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। स्पॉट गोल्ड और चांदी: सिंगापुर समय के अनुसार, स्पॉट गोल्ड 0.3% चढ़कर $4,206.86 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले हफ्ते इसमें 1.3% की बढ़त दर्ज की गई थी। वहीं, चांदी की कीमत 0.5% बढ़कर $61.12 प्रति औंस पर पहुंच गई। तेल की कीमतों में गिरावट: कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से ग्लोबल मार्केट में महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे बुलियन मार्केट (सोना-चांदी) को समर्थन मिला है। फेड रिजर्व के संकेत: निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी रोक सकता है, जिससे सोने में निवेश की मांग फिर बढ़ रही है। एक्सपर्ट का नजरिया: अमेरिका-ईरान तनाव के बाद रिकवरी की ओर सोना ओवरसी-चाइनीज बैंकिंग कॉरपोरेशन (OCBC) के स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वोंग के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल के दाम कम होने से सोने के बाजार को राहत मिली है। यदि अमेरिकी डॉलर और लंबे समय की यील्ड घटती है, तो सोने की कीमतों में रिकवरी और आगे बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव/युद्ध शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों में करीब 20% तक की गिरावट आई थी, क्योंकि मिडिल ईस्ट से एनर्जी सप्लाई प्रभावित होने के कारण महंगाई का खतरा बढ़ गया था। अब बाजार की नजर अमेरिका के ताजा महंगाई आंकड़ों और बैंकॉक में होने वाली इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की बैठक पर है, जहां अमेरिकी फेड चेयरमैन के बयान से आगे की दिशा तय होगी।