मारुति सुजुकी का मुनाफा 26% घटकर ₹2,466 करोड़:रेवेन्यू 26% बढ़ा, वेस्ट एशिया जंग से मार्जिन घटा; जुलाई-सितंबर में रिकॉर्ड 6.96 लाख गाड़ियां बेचीं
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट यानी मुनाफा सालाना आधार पर 26.4% घटकर ₹2,466 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही में ₹3,349 करोड़ रहा था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹53,355 करोड़ पहुंच गया। जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹4
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट यानी मुनाफा सालाना आधार पर 26.4% घटकर ₹2,466 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही में ₹3,349 करोड़ रहा था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹53,355 करोड़ पहुंच गया। जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹42,344 करोड़ रहा था। वेस्ट एशिया में जारी जंग के कारण कच्चे माल और कमोडिटीज (ऑयल-गैस) के दाम काफी बढ़ गए। इस वजह से कंपनी का खर्च भी बढ़ा है। जिससे कंपनी के मार्जिन यानी मुनाफे पर असर पड़ा है। दूसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% घटा वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) सालाना आधार पर 17.1% घटकर ₹2,803 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹3,382 करोड़ था। मारुति ने ऑपरेटिंग प्रॉफिट में इस गिरावट के लिए कमोडिटी लागत को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही की तुलना में ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तिमाही आधार पर 10.8% की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही इन्वेस्टेड सरप्लस पर मार्क-टू-मार्केट घाटे के चलते नॉन-ऑपरेटिंग इनकम में भी गिरावट आई। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹3,302 करोड़ से घटकर ₹2,414 करोड़ रह गया। मारुति के नतीजे एक्सपर्ट्स के अनुमान से मिले-जुले रहे मारुति सुजुकी के नतीजे एक्सपर्ट्स के अनुमान से मिले-जुले रहे। कंपनी का मुनाफा और मार्जिन अनुमान से थोड़े कमजोर रहे, लेकिन कमाई (रेवेन्यू) और ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) ब्रोकरेज हाउसों के अनुमानों से बेहतर रहे। कुल मिलाकर, बाहरी लागत के दबाव के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से काफी बेहतर माना गया है। एक्सपर्ट्स ने कहा था, कंपनी का रेवेन्यू डबल डिजिट में बढ़ सकता है, लेकिन कच्चे माल की ऊंची कीमतों की वजह से मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। इस तिमाही में सेल्स वॉल्यूम सालाना आधार पर 28% तक बढ़ने की उम्मीद है। रिकॉर्ड 6.96 लाख गाड़ियां बेचीं, बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 40.8% हुई मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही (जुलाई-सितंबर) बिक्री दर्ज की है। इस दौरान 6,96,654 गाड़ियां बेचीं गईं, जो पिछले साल की समान तिमाही से 26.5% ज्यादा है। घरेलू पैसेंजर व्हीकल मार्केट में यह ग्रोथ हर सेगमेंट में देखी गई कंपनी के हालिया SUV मॉडल्स को बाजार में अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जिससे ग्रोथ को सोपर्ट मिला। सितंबर तिमाही में मारुति का घरेलू पैसेंजर व्हीकल मार्केट शेयर 2.2% बढ़कर 40.8% हो गया। 2 लाख गाड़ियों की पेंडिंग बुकिंग, नेटवर्क इन्वेंट्री 17 दिन कैपेसिटी बढाने के बावजूद डिमांड, सप्लाई से ज्यादा बनी हुई है। हाल ही में की गई कैपेसिटी एडिशन से कंपनी को बढ़ती डिमांड पूरी करने में मदद तो मिली, लेकिन मांग लगातार प्रोडक्शन से ज्यादा रही। इसके चलते सितंबर के आखिरी तक नेटवर्क इन्वेंट्री लगभग 17 दिन के निचले स्तर पर रही, जबकि पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा करीब 2 लाख गाड़ियों पर बना रहा। जियोपॉलिटिकल तनाव से एक्सपोर्ट्स में मामूली गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कंपनी का एक्सपोर्ट मामूली रूप से घटा है। इस तिमाही में एक्सपोर्ट्स घटकर 1,08,119 व्हीकल्स रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,10,487 व्हीकल्स था। कंपनी को त्योहारी सीजन में सेल्स बढ़ने की उम्मीद शेयर आज 2% चढ़ा, लेकिन इस साल अब तक 32% टूट चुका Q2 नतीजों से पहले मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर मारुति सुजुकी का शेयर 2% की बढ़त के साथ ₹11,450 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल की शुरुआत से अब तक (YTD) कंपनी के शेयरों में करीब 32% की गिरावट आ चुकी है। कंपनी की मजबूत सेहत के 5 संकेत क्या होता है मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान? मार्क-टू-मार्केट एक अकाउंटिंग प्रैक्टिस है, जिसमें किसी कंपनी के पास मौजूद सरप्लस फंड या इन्वेस्टमेंट्स (जैसे म्यूचुअल फंड, बॉन्ड्स या शेयर्स) की वैल्यू को मौजूदा बाजार भाव (करंट मार्केट प्राइस) के हिसाब से आंका जाता है। अगर बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से उन इन्वेस्टमेंट्स की वैल्यू घटती है, तो कंपनी को अपनी बैलेंस शीट में 'नॉन-ऑपरेटिंग लॉस' दिखाना पड़ता है, भले ही उसने उन एसेट्स को बेचा न हो। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी है मारुति सुजुकी ये खबर भी पढ़ें… इंफोसिस का मुनाफा 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़: AI और ₹50 हजार करोड़ के ऑर्डर से रेवेन्यू 11% बढ़ा; हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड मिलेगा देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में ₹49,244 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। ये पिछले साल इसी समय हुए ₹44,490 करोड़ के रेवेन्यू से 11% ज्यादा है। कमाई बढ़ने के साथ ही कंपनी का मुनाफा भी 6% बढ़ा है। इस तिमाही में इंफोसिस को ₹7,823 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि में ₹7,364 करोड़ रहा था। पूरी खबर पढ़ें…