इंफोसिस का मुनाफा 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़:AI और ₹50 हजार करोड़ के ऑर्डर से रेवेन्यू 11% बढ़ा; हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड मिलेगा
देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में ₹49,244 करोड़ का रेवेन्यू किया है। ये पिछले साल इसी समय हुए ₹44,490 करोड़ के रेवेन्यू से 11% ज्यादा है। कमाई बढ़ने के साथ ही कंपनी का मुनाफा भी 6% बढ़ा है। इस तिमाही में इंफोसिस को ₹7,823 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि
देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में ₹49,244 करोड़ का रेवेन्यू किया है। ये पिछले साल इसी समय हुए ₹44,490 करोड़ के रेवेन्यू से 11% ज्यादा है। कमाई बढ़ने के साथ ही कंपनी का मुनाफा भी 6% बढ़ा है। इस तिमाही में इंफोसिस को ₹7,823 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि में ₹7,364 करोड़ रहा था। इंफोसिस के रेवेन्यू में मजबूती का मुख्य कारण 5.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 50 हजार करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बड़ी डील्स का मिलना है। इसमें 62% नए बिजनेस से आए और एक 2 बिलियन डॉलर यानी करीब 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मेगा-डील शामिल है। इसके साथ ही रेवेन्यू बढ़ने की वजह AI सर्विसेज की मांग में आया 29% का बड़ा उछाल है। इससे कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान बढ़कर 10.5% हो गया है। हर शेयर पर 26 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी कंपनी निवेशकों को हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड भी देगी। कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं। वहीं इंफोसिस का शेयर आज लगभग फ्लैट 1154 रुपए पर बंद हुआ। इस साल ये 29% से ज्यादा गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में करीब 13% की गिरावट आई है, यानी इंफोसिस का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। इंफोसिस का मार्केट कैप लगभग ₹4.78 लाख करोड़ है। दूसरी तिमाही में 4,480 नए कर्मचारी हायर किए कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाया कंपनी ने बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद इस वित्त वर्ष के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर 1-2% कर दिया है, जो पहले 1.5-3% था। CFO जयेश संघराजका के मुताबिक, बाजार में कड़े कॉम्पिटिशन, ग्राहकों द्वारा सस्ती दरों और ज्यादा प्रोडक्टिविटी की मांग के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। इसके अलावा, AI के तेजी से बढ़ते असर की वजह से भारतीय IT सेक्टर के पुराने बिजनेस मॉडल पर दबाव पड़ रहा है और ग्राहकों से मिलने वाली फीस अब काम के घंटों के बजाय तकनीक से होने वाली उत्पादकता से तय हो रही है। CFO बोले- खर्चों पर कंट्रोल की वजह से मुनाफा स्थिर इंफोसिस के नतीजों पर एक्सपर्ट्स की राय कंपनी की मजबूत सेहत के 5 संकेत नारायण मूर्ति ने 1981 में की थी कंपनी की शुरुआत इंफोसिस एक बड़ी भारतीय आईटी कंपनी है, जो 1981 में बैंगलोर में शुरू हुई। ये कंसल्टिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड और AI जैसी सर्विसेज देती है और दुनिया भर में 3 लाख से ज्यादा एम्प्लॉई हैं। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख है। इंफोसिस को 1981 में नारायण मूर्ति ने छह साथियों के साथ शुरू किया था। नंदन नीलकेणी, क्रिस गोपालकृष्णन, एस.डी. शिबुलाल, के. दिनेश, एन.एस. राघवन और अशोक अरोड़ा। मूर्ति को इसका मुख्य फाउंडर माना जाता है। ये सिर्फ 250 डॉलर से शुरू हुई थी।