वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में भूस्खलन से 33 लोग दबे: 17 को बचाया गया, 16 की तलाश जारी
चीन के पश्चिमी गांसू प्रांत के पहाड़ी इलाके में मंगलवार को हुए भूस्खलन में 33 लोग मलबे में दब गए। सरकारी मीडिया के मुताबिक, अब तक 17 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 16 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सभी प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द बचाने
चीन के पश्चिमी गांसू प्रांत के पहाड़ी इलाके में मंगलवार को हुए भूस्खलन में 33 लोग मलबे में दब गए। सरकारी मीडिया के मुताबिक, अब तक 17 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 16 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सभी प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, सेंट्रल चीन के हुबेई प्रांत में सोमवार रात आए तेज तूफान और आंधी-बारिश से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 275 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति अब भी लापता है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में 149 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलीं। अगले 24 घंटे में 260 मिमी तक बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। चीन के मौसम विभाग ने सुपर टाइफून 'बावी' को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। यह तूफान 290 किमी/घंटा तक की रफ्तार वाली हवाओं के साथ प्रशांत महासागर से ताइवान की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… यूक्रेन को पेट्रिएट मिसाइल भेजने की पुष्टि: जानकारी लीक करने वालों की जांच कर रहा पोलैंड पोलैंड ने स्वीकार किया है कि उसने मार्च में अपने सैन्य भंडार से पीएसी-3 पेट्रिएट मिसाइल इंटरसेप्टर यूक्रेन को भेजे थे। इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने सैन्य खुफिया एजेंसी को लीक करने वालों की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस फैसले से पोलैंड की अपनी वायु रक्षा क्षमता कमजोर हुई है। शनिवार को सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि पोलैंड ने संसद और जनता को बताए बिना यूक्रेन को पेट्रिएट इंटरसेप्टर भेजे। विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक-कामिश ने सोमवार को पुष्टि की कि NATO महासचिव मार्क रुटे के अनुरोध पर यह आपूर्ति की गई थी। उन्होंने कहा कि भेजी गई मिसाइलों की संख्या सीमित थी और इससे पोलैंड की सुरक्षा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से चर्चा के बाद 2022 से 2026 तक यूक्रेन को दी गई सभी सैन्य सहायता का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाएगा। साथ ही पोलिश मिलिट्री काउंटरइंटेलिजेंस सर्विस को यह जांच सौंपी गई है कि गोपनीय जानकारी किसने लीक की। इस बीच पेट्रिएट मिसाइलों की उपलब्धता को लेकर NATO देशों पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी थिंक टैंक FPRI के अनुसार, इंटरसेप्टर की मांग और उत्पादन के बीच बड़ा अंतर है, जिससे इनकी आपूर्ति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।