डायबिटीज पेशेंट को हफ्ते में एकबार लेना होगा इंसुलिन इंजेक्शन:भारत में पहली बार बेसल इंसुलिन लॉन्च, 40% तक सस्ती होगी डोज
डायबिटीज मरीजों के लिए राहत की खबर है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने बुधवार को भारत में Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। इसके आने से साल में हर दिन लगने वाले इंस
डायबिटीज मरीजों के लिए राहत की खबर है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने बुधवार को भारत में Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। इसके आने से साल में हर दिन लगने वाले इंसुलिन इंजेक्शन घटकर 52 रह जाएंगे। कंपनी के मुताबिक, Awiqli का उद्देश्य भारत में इंसुलिन शुरू करने में होने वाली देरी को कम करना है। नोवो नॉर्डिस्क का कहना है कि रोज इंजेक्शन लगाने का डर मरीजों के बीच इंसुलिन थेरेपी शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा है, जिसके कारण औसतन सात से नौ साल की देरी हो जाती है। 700 यूनिट का पैक ₹2611 में कंपनी ने 700 यूनिट का पैक ₹2611 में लॉन्च किया है। यानी इसकी कीमत ₹3.73 प्रति यूनिट पड़ेगी, जो मौजूदा दैनिक बेसल इंसुलिन की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ती बताई गई है। यदि किसी मरीज को रोज 10 यूनिट इंसुलिन की जरूरत होती है, तो उसे सप्ताह में 70 यूनिट इंसुलिन लगेगी, जिसकी लागत करीब ₹261 प्रति सप्ताह होगी। भारत में 10 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित भारत में 10.1 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति में हैं। देश में 9 लाख से अधिक लोग टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित हैं, जिनके इलाज का मुख्य आधार इंसुलिन है। वहीं टाइप-2 डायबिटीज के लगभग 10 प्रतिशत मरीजों को भी इंसुलिन थेरेपी की जरूरत पड़ती है। पेन डिवाइस से लगाया जाएगा भारत में करीब 60 लाख लोग इंसुलिन ले रहे श्रोत्रिया ने कहा कि भारत में लगभग 60 लाख लोग इंसुलिन थेरेपी ले रहे हैं, और नोवो नॉर्डिस्क को उम्मीद है कि निकट भविष्य में यह संख्या बढ़कर 90 लाख हो जाएगी, जिससे कंपनी को व्यावसायिक रूप से लाभ होगा। आईएमएआरसी के अनुसार, भारत का इंसुलिन बाजार 2025 में 660.5 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2034 तक 916.4 मिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण गतिहीन जीवनशैली, खराब आहार और आनुवंशिक प्रवृत्ति से जुड़े मधुमेह के बढ़ते प्रसार है। कंपनी ने बताया कि अविक्ली, जिसे सामान्यतः इंसुलिन इकोडेक के नाम से जाना जाता है, को इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका से मंजूरी मिल चुकी है और इसे यूरोपीय संघ तथा कई अन्य देशों में भी मंजूरी मिल चुकी है। भारत सातवां देश है जहां इस दवा को लॉन्च किया गया है। --------------------------- डायबिटीज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… डायबिटीज से बिगड़ती सेक्शुअल हेल्थ:फर्टिलिटी पर असर, कंट्रोल जरूरी, डॉक्टर से जानें, डाइट और लाइफस्टाइल टिप्स डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है। अगर यह लंबे समय तक अनियंत्रित रहे तो शरीर के लगभग हर अंग पर असर डाल सकती है। इसका एक असर ऐसा भी है, जिसके बारे में लोग खुलकर बात नहीं करते। वो है सेक्शुअल हेल्थ। पूरी खबर पढ़ें…