'एक बार सुनने की क्षमता चली गई, तो वापस नहीं आती': कान की ताक़त को ऐसे बचाएं
सुनने की क्षमता सिर्फ़ रॉकेट लॉन्च या डेथ मेटल कॉन्सर्ट जैसी बेहद तेज़ आवाज़ों से ही प्रभावित नहीं होती. रोज़मर्रा की कई गतिविधियां भी कानों को नुक़सान पहुंचा सकती हैं.
The Bharath News1 min readSource: BBC Hindi
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सुनने की क्षमता सिर्फ़ रॉकेट लॉन्च या डेथ मेटल कॉन्सर्ट जैसी बेहद तेज़ आवाज़ों से ही प्रभावित नहीं होती. रोज़मर्रा की कई गतिविधियां भी कानों को नुक़सान पहुंचा सकती हैं.
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