पीएम मोदी युवाओं से हैंडलूम-डे मनाने की अपील की:2 मिनट का वीडियो जारी किया, कहा- फ्रेंडशिप डे जैसा उत्साह दिखाइए
पीएम मोदी ने गुरुवार रात इंस्टाग्राम पर देश के हैंडीक्राफ्ट से जुड़ी एक रील शेयर की। उन्होंने कहा- ‘साथियों, 7 अगस्त 1905 का दिन हमें भूलना नहीं है। इस दिन देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था। अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी। जन-जन जुड़ गया था। अभी पिछले सप्त
पीएम मोदी ने गुरुवार रात इंस्टाग्राम पर देश के हैंडीक्राफ्ट से जुड़ी एक रील शेयर की। उन्होंने कहा- ‘साथियों, 7 अगस्त 1905 का दिन हमें भूलना नहीं है। इस दिन देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था। अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी। जन-जन जुड़ गया था। अभी पिछले सप्ताह आप सभी ने फ्रेंडशिप डे मनाया।’ पीएम ने कहा- “मैं आज आग्रह करता हूं 7 अगस्त हैंडलूम डे होता है। हमें इतने ही उत्साह और उमंग के साथ हैंडलूम डे मनाना है। हैंडलूम डे मनाने का मतलब है कि हर गरीब बुनकर परिवार, जो अपने हाथों से कपड़े बनाते हैं। और इसमें नई-नई वैराइटीज होती हैं।” पहले देखिए पीएम मोदी का वीडियो… पीएम ने कहा- हैंडलूम से कुछ न कुछ खरीदें वीडियो में पीएम कह रहे हैं- ‘आप भी हैंडलूम की इस वैरायटी के साथ GRWM वीडियो बनाकर दुनिया के सामने अपनी बात रख सकते हैं। हैंडलूम खरीदने के लिए लोगों को प्रेरित कर सकते हैं। हमारा काम है आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए इन छोटे-छोटे गरीब परिवारों को भी आर्थिक रूप से समृद्ध करना।’ मोदी ने के अपील की- ‘आइए हम स्वयं हैंडलूम से कुछ न कुछ खरीदें। उसका एक वीडियो बनाएं और देश-दुनिया में उस वीडियो को प्रचारित करें। ताकि हमारे बुनकर परिवारों के सामर्थ्य का परिचय दुनिया को भी हो। आइए 7 अगस्त हैंडलूम डे मनाएं।’ GRWM भारत में विलुप्ति की कगार पर पहुंचे हैडलूम आर्ट्स हिमरू: यह 14वीं सदी की दुर्लभ बुनाई शैली है। जिसमें रेशम और कपास के धागों को मिलाकर जटिल जॉमिट्री और फूलों के पैटर्न बनाए जाते हैं। फिलहाल औरंगाबाद में केवल कुछ ही बुनकर इस कला को जीवित रखे हुए हैं। कोडाली करुप्पुर: यह भी बेहद दुर्लभ और शाही बुनाई परंपरा है, जो अपनी जटिलता और ऐतिहासिक महत्व के कारण विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही है। बावनबुट्टी: बिहार के नालंदा जिले के कुछ चुनिंदा गांवों तक सीमित यह बुनाई शैली अपने 52 (बावन) विशेष मोटिफ्स के लिए जानी जाती है। हालांकि यह टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल है, लेकिन आधुनिक प्रतिस्पर्धा के कारण इसका दायरा सिमटता जा रहा है। पटोला: गुजरात की यह प्रसिद्ध डबल इकत बुनाई तकनीक अपनी जटिलता के लिए मशहूर है। इसे बनाने में कई हफ्ते लगते हैं, जिसके कारण मशीनी सस्ते विकल्पों के सामने इसे अपनी पहचान और अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी की पोस्ट हटाने पर जुकरबर्ग ने माफी मांगी: कंपनी ने माना चाइल्ड पोर्न कंटेंट और डीप फेक रोकने में भी नाकाम रहे Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में 5 अगस्त को भारत सरकार से माफी मांगी है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी है। कंपनी ने यह भी माना कि उसके प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी चूक हुई हैं। पढ़ें पूरी खबर…