अलविदा जंतर-मंतर: आठ साल बाद फिर बदला दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का ठिकाना, ये हैं तीन नई जगह और चुनौतियां
दिल्ली की पहचान सिर्फ सत्ता के गलियारों, ऐतिहासिक इमारतों और सियासी हलचलों से नहीं बनी। इसकी सड़कों ने उन नारों को भी सुना है, जिन्होंने देशभर के आंदोलनों को आवाज दी।
The Bharath News1 min readSource: Amar Ujala
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दिल्ली की पहचान सिर्फ सत्ता के गलियारों, ऐतिहासिक इमारतों और सियासी हलचलों से नहीं बनी। इसकी सड़कों ने उन नारों को भी सुना है, जिन्होंने देशभर के आंदोलनों को आवाज दी।
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