मार्को रुबियो के भारत दौरे में दिल्ली न आने और जयशंकर के मुंबई जाकर मिलने पर क्यों उठ रहे हैं सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-अमेरिका संबंध अब अधिक लेन-देन आधारित और कॉर्पोरेट हितों से संचालित होते जा रहे हैं, जबकि वे राजनीतिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक आधार कमज़ोर पड़ रहे हैं, जिन्होंने पहले इन संबंधों को मज़बूती दी थी.
The Bharath News1 min readSource: BBC Hindi
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विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-अमेरिका संबंध अब अधिक लेन-देन आधारित और कॉर्पोरेट हितों से संचालित होते जा रहे हैं, जबकि वे राजनीतिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक आधार कमज़ोर पड़ रहे हैं, जिन्होंने पहले इन संबंधों को मज़बूती दी थी.
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