अंबानी से जामनगर में मिलेंगे अमेरिकी मंत्री:टेक्सास रिफाइनरी में रिलायंस के निवेश पर चर्चा संभव; अडाणी से भी मुलाकात तय
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते दो दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में करीब 9 घंटे बिताएंगे। यहां रिलायंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी से उनकी मुलाकात भी होगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रि
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते दो दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में करीब 9 घंटे बिताएंगे। यहां रिलायंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी से उनकी मुलाकात भी होगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में एक ऑइल रिफाइनरी में बड़ा निवेश करने की तैयारी में है। इसी वजह से यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। 20 अक्टूबर को मुंबई आएंगे रुबियो रुबियो के तय कार्यक्रम के मुताबिक, वे 20 अक्टूबर को सबसे पहले मुंबई पहुंचेंगे। 21 अक्टूबर को वे जामनगर के लिए रवाना होंगे। वहां वे मुकेश अंबानी से मिलेंगे और रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का जायजा लेने का साथ 'वनतारा' वाइल्डलाइफ एंड एनिमल रिहैबिलिटेशन सेंटर को भी देखने जा सकते हैं। अडाणी और टाटा ग्रुप के चेयरमैन से भी मिलेंगे गुजरात निकलने से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत के दूसरे बड़े उद्योगपतियों से भी मुलाकात होनी है। वे उद्योगपति गौतम अडाणी और टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से भी बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा होगी। रुबिया की जामनगर विजिट 5 पॉइंट में समझें 1. अमेरिका में डीजल के दाम आसमान पर, चुनाव से पहले दबाव अमेरिका में आने वाले नवंबर में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं और वहां डीजल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ी हुई हैं। रणनीतिक फर्म 'टेनेओ' के साउथ एशिया एडवाइजर अर्पित चतुर्वेदी के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन किसी भी तरह बाजार में फ्यूल की सप्लाई बढ़ाना चाहता है ताकि कीमतें नीचे आ सकें। 2. जामनगर रिफाइनरी बन सकती है अमेरिका का सहारा गुजरात के जामनगर में बनी रिलायंस की रिफाइनरी से बहुत बड़े पैमाने पर विदेशों को पेट्रोल-डीजल एक्सपोर्ट किया जाता है। अर्पित चतुर्वेदी का कहना है कि जामनगर की यही एक्सपोर्ट क्षमता अमेरिका के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। अमेरिका वहां से डीजल जैसे रिफाइंड प्रोडक्ट्स खरीदने का विकल्प देख रहा है। 3. मुकेश अंबानी और ट्रम्प प्रशासन के मजबूत रिश्ते इसी साल मार्च में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में बीते 50 सालों के पहले नए रिफाइनरी प्रोजेक्ट में रिलायंस के निवेश के लिए धन्यवाद दिया था। वहीं अमेरिका के बाहर, रिलायंस वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भी बन गई है। 4. टेक्सास में नई रिफाइनरी और मिडटर्म चुनाव का कनेक्शन वाशिंगटन की कंसल्टिंग फर्म 'DGA ऑलब्राइट स्टोनब्रिज ग्रुप' के पार्टनर आत्मन त्रिवेदी के अनुसार, रुबियो अपने इस दौरे के जरिए टेक्सास में रिलायंस की नई और बड़ी रिफाइनरी के प्लान को हाइलाइट करेंगे। टेक्सास इस वक्त अमेरिकी मिडटर्म चुनाव की राजनीति का मुख्य केंद्र बना हुआ है। 5. दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है जामनगर रिलायंस के मुताबिक, जामनगर रिफाइनरी एक ही जगह पर बनी दुनिया की सबसे बड़ी और आधुनिक रिफाइनरी है। यहां हर दिन 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है।