पोलिश PM भारत आए,मोदी ने ‘गुड महाराजा’ का जिक्र किया:दूसरे विश्व युद्ध के बाद उन्होंने पोलैंड के 1,000 बच्चों को गुजरात में शरण दी थी
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। इस मुलाकात में दोनों देशों के पुराने रिश्तों की झलक भी दिखी। मोदी ने ‘गुड महाराजा’ का जिक्र किया। यह नाम जामनगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीत
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। इस मुलाकात में दोनों देशों के पुराने रिश्तों की झलक भी दिखी। मोदी ने ‘गुड महाराजा’ का जिक्र किया। यह नाम जामनगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को दिया गया था, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड के करीब 1,000 बच्चों को भारत में शरण दी थी। भारत बना था 5000 पोलिश बच्चों का दूसरा घर 16 साल बाद भारत आए डोनाल्ड टस्क पोलैंड के प्रधानमंत्री 16 साल बाद भारत दौरे पर आए हैं। इससे पहले 2010 में अपने पहले कार्यकाल में वह भारत आए थे। टस्क के साथ करीब 100 पोलिश कंपनियों का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। पोलैंड 2030 तक भारत के साथ सालाना कारोबार दोगुना करना चाहता है। दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद टस्क 23 अक्टूबर को बेंगलुरु जाएंगे। वहां वे सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों और कारोबारियों से मुलाकात करेंगे। PM टस्क के भारत दौरे की 4 तस्वीरें… 4 क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर जोर 1. रक्षा क्षेत्र में मिलकर हथियार बनाने की तैयारी पोलैंड भारत के साथ मिलकर हथियार और रक्षा उपकरण बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। दोनों देश रक्षा उपकरणों को डिजाइन करने, विकसित करने और उनका उत्पादन करने में साथ काम कर सकते हैं। इसके लिए आपसी भरोसा बढ़ाने और गोपनीय जानकारी की सुरक्षा से जुड़े समझौते करने की जरूरत है। 2. 2030 तक कारोबार दोगुना करने का लक्ष्य पोलैंड 2030 तक भारत के साथ सालाना कारोबार दोगुना करना चाहता है। इसके लिए करीब 100 कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। ये कंपनियां भारतीय बाजार में कारोबार और साझेदारी के नए मौके तलाशेंगी। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता भी दोनों पक्षों के कारोबार को बढ़ाने में मदद कर सकता है। 3. अंतरिक्ष और तकनीक में भी सहयोग भारत और पोलैंड अंतरिक्ष, सूचना तकनीक, डिजिटल तकनीक और बैटरी रिसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी साथ काम कर सकते हैं। पोलैंड की खाद्य प्रसंस्करण, खनन और मशीनरी के क्षेत्र में भी अच्छी पकड़ है। टस्क नई दिल्ली में भारत-पोलैंड व्यापार मंच में शामिल होंगे। 23 अक्टूबर को वे बेंगलुरु जाएंगे, जहां तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े लोगों से मुलाकात करेंगे। 4. यूक्रेन में शांति पर भी जोर पोलैंड भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति मानता है। वह यूक्रेन में शांति की कोशिशों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मुद्दों पर भी भारत के साथ काम करना चाहता है। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… UN रिपोर्ट में दाऊद की डी-कंपनी को भारतीय गिरोह बताया, भारत नाराज भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसमें अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के गिरोह डी-कंपनी को भारत में मौजूद अपराधी संगठन बताया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…