रिपोर्ट- फ्रांस दंगों और भारत के प्रदर्शनों में कनेक्शन:9 देशों के 101 संगठनों तक फैला सीक्रेट नेटवर्क; चीन में बैठा सिंघम कर रहा फंडिंग
फ्रांस में हुए दंगों और भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच कनेक्शन का दावा किया गया है। अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में 9 देशों के 101 संगठनों के नेटवर्क का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये संगठन अलग-अलग देशों में प्रदर्शनों के
फ्रांस में हुए दंगों और भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच कनेक्शन का दावा किया गया है। अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में 9 देशों के 101 संगठनों के नेटवर्क का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये संगठन अलग-अलग देशों में प्रदर्शनों के आयोजन, उनके बीच तालमेल बनाने या उन्हें बढ़ावा देने में भूमिका निभा रहे हैं। इसमें फ्रांस के इंडियन अलायंस पेरिस (IAP) और प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल जैसे संगठनों का भी नाम है। रिपोर्ट में चीन के शंघाई में रहने वाले अमेरिकी मूल के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम पर कुछ वामपंथी संगठनों को आर्थिक मदद देने का दावा भी किया गया है। रिपोर्ट में फ्रांस में आगे होने वाले प्रदर्शनों और 20 नवंबर को प्रस्तावित इंटरनेशनल यूथ स्ट्राइक का भी जिक्र है। IAP सचिव के फ्रांसीसी कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध का दावा फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ में इंडियन अलायंस पेरिस (IAP) और मैनहैटन स्थित पीपल्स फोरम के बीच साझेदारी का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डिसइन्फोलैब ने अपनी एक पोस्ट में दावा किया कि IAP के सचिव जॉय बनर्जी फ्रांस की ट्रेड यूनियन CGT के पूर्व प्रतिनिधि रह चुके हैं और उनके फ्रांसीसी कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध हैं। रिपोर्ट में प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल नाम के अंतरराष्ट्रीय संगठन का भी जिक्र है। इस संगठन ने 16 अक्टूबर को अपनी वेबसाइट पर जारी ब्रीफिंग में फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया में चल रहे आंदोलनों का एक साथ उल्लेख किया। संगठन ने सवाल उठाया कि क्या ये आंदोलन उन परिस्थितियों को बदलने के लिए संगठित ताकत बन सकते हैं, जिनके खिलाफ वे शुरू हुए हैं। उसने इन आंदोलनों को समर्थन देने और उनके बीच संपर्क बढ़ाने की बात भी कही। 101 संगठनों में 33 छात्र और युवा समूह रिपोर्ट के मुताबिक, 9 देशों में फैले 101 संगठनों में से 33 का नेतृत्व छात्रों या युवाओं के हाथ में है। बाकी संगठनों का नेतृत्व मुख्य रूप से वयस्क करते हैं। रिपोर्ट में वामपंथी, कम्युनिस्ट और समाजवादी समूहों के साथ छात्र संगठनों का भी जिक्र है। रिपोर्ट में इस नेटवर्क को ‘रेड-ग्रीन प्रोटेस्ट इकोसिस्टम’ नाम दिया गया है। इसमें ‘रेड’ का संबंध कम्युनिस्ट और समाजवादी समूहों से, जबकि ‘ग्रीन’ का संबंध इस्लामी संगठनों से बताया गया है। रिपोर्ट में फ्रांस के कुछ ऐसे समूहों का भी जिक्र है, जो ‘एंटीफा’ नाम का इस्तेमाल करते हैं। तीन संगठनों को नेविल रॉय सिंघम से मदद मिलने का दावा रिपोर्ट में ‘ब्रेकथ्रू न्यूज’, ‘कोडपिंक’ और ‘पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन’ जैसे संगठनों के नाम शामिल हैं। इसमें दावा किया गया है कि इन संगठनों को शंघाई में रहने वाले अमेरिकी मूल के टेक कारोबारी नेविल रॉय सिंघम से आर्थिक मदद और समर्थन मिलता है। 14 अक्टूबर को ‘ब्रेकथ्रू न्यूज’ पर प्रकाशित एक इंटरव्यू में सिंघम की पत्नी और कोडपिंक की सह-संस्थापक जोडी इवांस ने फ्रांस, स्पेन और भारत में हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को इन प्रदर्शनों को देखकर सोचना चाहिए कि वे खुद सड़कों पर क्यों नहीं उतर रहे हैं। फ्रांस में 24 अक्टूबर को 212 जगहों पर प्रदर्शन की तैयारी रिपोर्ट के मुताबिक, 17 अक्टूबर को फ्रांस में हुए प्रदर्शनों के बाद 24 अक्टूबर को ‘एक्ट II’ नाम से फिर प्रदर्शन करने की तैयारी थी। एक डिजिटल मैप के हवाले से 212 जगहों पर प्रदर्शन की योजना का जिक्र किया गया है। इसके बाद 31 अक्टूबर को ‘एक्ट III’ और नवंबर में भी प्रदर्शनों की तैयारी बताई गई है। रिपोर्ट में प्रदर्शनों के आयोजन से जुड़ी एक वेबसाइट और टेलीग्राम के जरिए कार्यक्रमों की जानकारी, पोस्टर और संदेश साझा किए जाने का भी उल्लेख है। प्रदर्शनकारियों की मांगों में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का इस्तीफा भी शामिल बताया गया है। 20 नवंबर को यूरोप में इंटरनेशनल यूथ स्ट्राइक की तैयारी रिपोर्ट में 20 नवंबर को प्रस्तावित ‘इंटरनेशनल यूथ स्ट्राइक’ का भी जिक्र है। इसके तहत यूरोप में प्रदर्शन, हड़ताल, सभाएं और नाकेबंदी जैसी गतिविधियां करने की अपील की गई है। इसके घोषणापत्र में पूंजीवाद, युद्ध, सैन्य खर्च और आर्थिक कटौती की नीतियों की आलोचना की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स समेत कई देशों के संगठनों ने इस पहल से जुड़ने की बात कही है। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… CJP नेता सौरव-आशुतोष को दिल्ली पुलिस का समन:आज क्राइम ब्रांच ऑफिस बुलाया, कल शाम तिहाड़ से रिहा हुए; दीपके बोले- दोनों मुझसे बड़े नेता दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को गुरुवार को राजौरी गार्डन स्थित अपने ऑफिस में पेश होने के लिए समन भेजा है। कल दोनों नेताओं को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिली थी। पूरी खबर पढ़ें…