रूस का यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर हमला, 14 मौतें:ड्रोन से इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया; इस साल रेल नेटवर्क पर 1600 हमले
यूक्रेन के मध्य में स्थित निप्रो शहर में गुरुवार सुबह रूसी ड्रोन ने रेलवे स्टेशन पर हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। शहर के मेयर बोरिस फिलातोव ने कहा कि ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया। यूक्रेन के राष्ट्र
यूक्रेन के मध्य में स्थित निप्रो शहर में गुरुवार सुबह रूसी ड्रोन ने रेलवे स्टेशन पर हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। शहर के मेयर बोरिस फिलातोव ने कहा कि ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले को भयावह बताया। उन्होंने रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की, ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके। रूस के ट्रेन पर हमले के बाद की 4 तस्वीरें हमले के वक्त प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी ट्रेन यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के मुताबिक, ड्रोन ने उस प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया, जहां निप्रो से जापोरिजिया जाने वाली ट्रेन नंबर 866 खड़ी थी। ट्रेन रवाना होने की तैयारी में थी। रेलवे कंपनी ने बताया कि खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। रेलवे नेटवर्क पर 8 महीने में 1600 से ज्यादा हमले रेल नेटवर्क पर हमला क्यों करता है रूस यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर हमलों का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। रेलवे के जरिए अनाज, जरूरी सामान और युद्ध प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जाती है। रेलवे की आवाजाही बाधित होने से अर्थव्यवस्था और देश की आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। रेलवे को सुरक्षित रखने के लिए यूक्रेन की तैयारी रूसी ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी ने ट्रेनों और ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी केंद्र बनाए हैं। खतरे का संकेत मिलने पर ट्रेनों को रोककर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की जाती है। यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के मुताबिक, सितंबर में ड्रोन हमलों के खतरे के कारण 5,831 ट्रेनों से यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। यानी औसतन हर दिन करीब 205 ट्रेनों को रोकना पड़ा। कुछ यात्रियों को खतरा टलने तक रेलवे ट्रैक के पास या खुले मैदानों में इंतजार करना पड़ा। एक ट्रेन को सितंबर में 6.5 घंटे तक रोकना पड़ा था। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… रूसी डीजल की पहली खेप अमेरिका रवाना:जहाज पर करीब 3 लाख बैरल डीजल लदा; देश में डीजल की कीमतें कम करना चाहते हैं ट्रम्प अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच रूस से करीब 3 लाख बैरल डीजल लेकर एक टैंकर अमेरिका के लिए रवाना हुआ है। जहाज 10 नवंबर को न्यूयॉर्क पहुंच सकता है। पूरी खबर पढ़ें…