G20 देशों के विदेश मंत्रियों का फोटो सेशन रद्द:यूरोपीय देशों का रूसी विदेश मंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से इनकार; यूक्रेन जंग को लेकर विरोध
अमेरिका में हो रही G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शुक्रवार को रूस को लेकर विवाद हो गया। पहले दिन की बैठक का ग्रुप फोटो सेशन रद्द करना पड़ा। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर करीब एक-तिहाई देशों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ तस्वीर खिंचवाने से इनकार कर
अमेरिका में हो रही G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शुक्रवार को रूस को लेकर विवाद हो गया। पहले दिन की बैठक का ग्रुप फोटो सेशन रद्द करना पड़ा। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर करीब एक-तिहाई देशों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ तस्वीर खिंचवाने से इनकार कर दिया था। कुछ देशों ने फोटो सेशन में शामिल नहीं होने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद अमेरिका ने फोटो सेशन रद्द करने का फैसला लिया। हालांकि, इससे बैठक के बाकी कार्यक्रम पर असर नहीं पड़ा और बातचीत तय कार्यक्रम के मुताबिक जारी रही। यह दो दिवसीय बैठक अमेरिका के अटलांटा शहर में विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में 30 और 31 अक्टूबर को हो रही है। इसमें भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हुए हैं। अब तक 5 देशों के नाम आए विवादों में घिरी G20 विदेश मंत्रियों की बैठक 1. दक्षिण अफ्रीका को न्योता नहीं दक्षिण अफ्रीका G20 का संस्थापक सदस्य है और अफ्रीका का एकमात्र सदस्य देश है। इसके बावजूद ट्रम्प प्रशासन ने उसे बैठक में नहीं बुलाया। अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के बीच गाजा युद्ध, ईरान से रिश्ते, नस्ल आधारित नीतियां और व्यापार जैसे कई मुद्दे को लेकर तनाव है। 2. यूक्रेन को बैठक में नहीं बुलाया यूक्रेन G20 का सदस्य नहीं है, लेकिन पहले की कुछ बैठकों में उसे मेहमान के तौर पर बुलाया जाता रहा है। इस बार ट्रम्प प्रशासन ने यूक्रेन को न्योता नहीं दिया। अमेरिका ने कहा कि इस बार सिर्फ G20 के औपचारिक सदस्यों को ही बुलाने का फैसला किया गया है। रूस के विदेश मंत्री को बुलाने और यूक्रेन को बाहर रखने के फैसले पर यूरोपीय देशों ने नाराजगी जताई। 3. पोलैंड मेंबर नहीं, फिर भी न्योता अमेरिका ने पोलैंड को G20 की बैठक में मेहमान के तौर पर बुलाया। अमेरिका पोलैंड को G20 का स्थायी मेंबर बनाना चाहता है। हालांकि रूस इसका विरोध कर रहा है। रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि G20 में नए सदस्यों और मेहमानों को शामिल करने के लिए सभी देशों की सहमति जरूरी है। 4. साझा बयान पर सहमति नहीं बन पाई रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों को लेकर देशों के बीच मतभेद रहे। होर्मुज स्ट्रेट समेत समुद्री रास्तों से व्यापार और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भी चर्चा का मुद्दा रही। इन मतभेदों के कारण बैठक के अंत में सभी देशों की ओर से साझा बयान जारी होने की संभावना नहीं रही। जयशंकर बोले- बातचीत से विवादों का हल हो, सप्लाई चैन प्रभावित न हो विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में कहा कि वैश्विक चुनौतियों का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि कूटनीति से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के खतरे को नजरअंदाज नहीं करने, समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और नाविकों पर हमले रोकने की जरूरत भी उठाई। जयशंकर ने कहा कि समुद्री रास्तों में बाधा और सप्लाई चेन पर दबाव का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है, जिससे ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की उपलब्धता और कीमतें प्रभावित हो रही हैं। अगले महीने अमेरिका में जुटेंगे G20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 31 अक्टूबर को खत्म होगी। 14 दिसम्बर को अमेरिका के फ्लोरिडा में G20 देशों की बैठक होगी। इसकी मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उनके दौरे की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। G20 बैठक गूगल पर ट्रेंड कर रहा है… सोर्स- गूगल ट्रेंड्स -------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. G20 में पहली बार मेजबानी हैंडओवर नहीं हुई:ट्रम्प के न आने से नाराज था साउथ अफ्रीका, अमेरिका बोला- यह ठीक नहीं किया साउथ अफ्रीका में 20वां G20 समिट रविवार को बिना औपचारिक हैंडओवर के समाप्त हो गया। साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने किसी अमेरिकी अधिकारी को गवेल (अध्यक्षता का प्रतीक हथौड़ा) नहीं सौंपा। पूरी खबर पढ़ें…