मेटा ने कर्मचारियों से नौकरी छोड़ने को कहा:80% सैलरी के साथ एग्जिट पैकेज मिलेगा, कंपनी ट्रेनिंग और बिजनेस शुरू करने में भी मदद करेगी
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने वाली कंपनी मेटा भी अपने खर्चे घटाने और कर्मचारियों की संख्या कम करने में जुट गई है। फ्रांसीसी मीडिया ला लेत्रे की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा ने फ्रांस में काम करने वाले कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट यानी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने वाली कंपनी मेटा भी अपने खर्चे घटाने और कर्मचारियों की संख्या कम करने में जुट गई है। फ्रांसीसी मीडिया ला लेत्रे की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा ने फ्रांस में काम करने वाले कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट यानी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया है। हाल ही में हजारों लोगों को निकालने के बाद, अब कंपनी चुनिंदा कर्मचारियों को मुआवजा देकर खुद इस्तीफा देने का ऑप्शन दे रही है। इस स्कीम के तहत नौकरी छोड़ने वालों को 80% सैलरी तो मिलेगी ही, साथ ही मेटा उन्हें नई स्किल सिखाने की ट्रेनिंग और नया बिजनेस शुरू करने में भी पूरी मदद करेगी। फ्रांस के 100 कर्मचारियों पर पड़ेगा असर मेटा के फ्रांस ऑफिस में इस समय लगभग 300 लोग काम करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वहां के हर 3 में से 1 कर्मचारी यानी करीब 100 लोग अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ सकते हैं। हालांकि, मेटा ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कितने लोग नौकरी छोड़ेंगे। साथ ही, अभी यह भी साफ नहीं है कि यह ऑफर किस डिपार्टमेंट या किस पद पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए है। मेटा का वॉलंटरी एग्जिट प्लान क्या है? मेटा का यह प्लान गूगल और माइक्रोसॉफ्ट की स्कीम से अलग है। इसके लिए कंपनी फ्रांस के एक खास श्रम कानून (RCC) का सहारा ले रही है। इस कानून के तहत कंपनी और कर्मचारियों की यूनियन आपस में बैठकर नौकरी छोड़ने की शर्तें तय करते हैं। नियम तय होने के बाद कर्मचारी बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से इस्तीफे का फॉर्म भर सकते हैं- यानी यह जबरन निकाली जाने वाली छंटनी नहीं है। जो कर्मचारी इस स्कीम का फायदा उठाकर नौकरी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें 5 नवंबर तक आवेदन करना होगा। 1 साल काम करने पर 2 महीने से ज्यादा की सैलरी मेटा नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को मुआवजा दे रही है। जो कर्मचारी खुद से इस्तीफा देंगे, उन्हें कंपनी में काम किए गए हर 1 साल के बदले 2.15 महीने की सैलरी दी जाएगी। इसे ऐसे समझें- अगर किसी कर्मचारी ने मेटा में 5 साल नौकरी की है, तो उसे एक साथ लगभग 11 महीने (10.75 महीने) की सैलरी मिलेगी। इस दौरान मिलने वाले पैसे में कर्मचारी को उसकी ग्रॉस सैलरी का 80% हिस्सा दिया जाएगा। बिजनेस शुरू करने और नई स्किल सीखने में भी मदद मिलेगी मेटा नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को सिर्फ पैसे देकर ही विदा नहीं कर रही, बल्कि उनके भविष्य का भी ध्यान रख रही है। जो कर्मचारी इस्तीफा देंगे, उन्हें कंपनी नई स्किल्स सीखने के लिए मुफ्त ट्रेनिंग देगी। इतना ही नहीं, अगर कोई अपना खुद का नया बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करना चाहता है, तो मेटा उसमें भी पूरी मदद और गाइडेंस देगी। जानें टेक कंपनियों में कटौती क्यों हो रही पूरी दुनिया में टेक कंपनियों की हालत थोड़ी सुस्त चल रही है और अब सभी का पूरा ध्यान AI पर है। इसी वजह से बड़ी कंपनियां अपने खर्चे कम कर रही हैं। मेटा से पहले गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियां भी अमेरिका और यूरोप में अपने कर्मचारियों को इसी तरह अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने या दूसरी जगह शिफ्ट होने का ऑप्शन दे चुकी हैं। खुद मेटा भी पिछले 2 साल में कई बार में अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब कॉस्ट कटिंग की राह पर गूगल: 5 देशों में कर्मचारियों को पैसे लेकर नौकरी छोड़ने का ऑफर; AI पर भारी खर्च से बजट बिगड़ा माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल ने 5 देशों में बायआउट का ऐलान किया। कंपनी ने खर्च में कटौती करने के लिए कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड के कर्मचारियों को अपनी इच्छा से पैसे लेकर नौकरी छोड़ने यानी एग्जिट पैकेज का ऑफर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च और बढ़ते वर्कफोर्स के बीच गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने अपनी AI स्ट्रैटेजी पर फोकस करने और प्रायोरिटी के हिसाब से रिसोर्सेज को शिफ्ट करने के लिए यह फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…