High Court: सामूहिक दुष्कर्म में पहरा देने या पीड़िता को पकड़ने वाला भी मुख्य अपराधी के बराबर दोषी, सजा बरकरार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि साझा आपराधिक मंशा के तहत कार्य करने पर प्रत्येक आरोपी पर दुष्कर्म का समान दायित्व बनता है, भले ही उसने स्वयं दुष्कर्म न किया हो। पीड़िता को पकड़ने और पहरा देने वाला व्यक्ति भी मुख्य अपराधी के बराबर दोषी होता है।
The Bharath News1 min readSource: Amar Ujala
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि साझा आपराधिक मंशा के तहत कार्य करने पर प्रत्येक आरोपी पर दुष्कर्म का समान दायित्व बनता है, भले ही उसने स्वयं दुष्कर्म न किया हो। पीड़िता को पकड़ने और पहरा देने वाला व्यक्ति भी मुख्य अपराधी के बराबर दोषी होता है।
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