वर्ल्ड अपडेट्स:PoK के रावलाकोट फायरिंग में 14 युवकों की मौत का दावा: JAAC ने की विरोध की अपील
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में कल शाम पुलिस फायरिंग में 14 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह दावा किया है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के कोर सदस्य इम्तियाज असलम ने भी दावा किया कि पुलिस फायरिंग में 14 युवकों की मौत हुई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में कल शाम पुलिस फायरिंग में 14 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह दावा किया है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के कोर सदस्य इम्तियाज असलम ने भी दावा किया कि पुलिस फायरिंग में 14 युवकों की मौत हुई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इम्तियाज असलम ने कहा, "पाकिस्तान की आतंकवादी ताकतों ने आज हमारे निर्दोष युवाओं पर गोलीबारी की। इसके परिणामस्वरूप हमारे 14 युवकों की मौत हो गई।" उन्होंने विदेशों में रह रहे कश्मीरियों से अपील की कि वे पाकिस्तानी दूतावासों, दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों और UN के बाहर विरोध प्रदर्शन करें। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कनाडा में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर फायरिंग, चार महीने में दूसरी बार हुई घटना कनाडा के टोरंटो में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर सोमवार सुबह फायरिंग हुई। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, गोली लगने से दूतावास की इमारत के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। पुलिस को मौके से एक कारतूस का खोल मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, फायरिंग के तुरंत बाद एक सफेद सेडान कार तेज रफ्तार से वहां से निकलती दिखी। पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन कार की रफ्तार ज्यादा होने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पीछा बीच में ही रोकना पड़ा। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह इस मामले में कनाडा की एजेंसियों के संपर्क में है। वहीं, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी। यह पहली बार नहीं है। 10 मार्च को भी इसी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर कई राउंड फायरिंग हुई थी। उस मामले में आरोपियों की तलाश के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी। टोरंटो पुलिस ने जून में दावा किया था कि कुछ युवाओं को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भर्ती किया जा रहा है। उन्हें अलग-अलग जगहों पर फायरिंग करने और उसका वीडियो बनाकर भेजने के बदले पैसे देने का लालच दिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, निशाने पर यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग), यहूदी स्कूल, एक कचरा प्रबंधन कंपनी और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास जैसी जगहें रही हैं।